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श्रीगंगानगर जिले के किसानों को वर्ष 2018 से लगातार खरीफ एवं रबी फसली सीजनों में प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के किसानों को वर्ष 2018 से लगातार खरीफ एवं रबी फसली सीजनों में प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है जिससे जिले के किसानों की आर्थिक स्तिथि लगातार बिगड़ती जा रही है । किसान के खेत पर आपदा के आने पर किसान निराश होकर केन्द्र एवं राज्य सरकारों से आर्थिक मदद की गुहार लगाता है लेकिन जब किसान को उसकी फसल खराबा होने के बावजूद भी कोई सहायता नही दी जाती है तो उसके परिवार पर आर्थिक हानियों का पहाड़ टूट पड़ता है …..ऐसी ही परस्थितियों से गुजर रहा जिले का सादुलशहर क्षेत्र वर्ष 2018 से सितंबर 2020 तक इस क्षेत्र के किसानों पर प्राकृतिक आपदाओं की ऐसी मार पड़ी है कि साल के दोनों फसली सीजन में फसल खराबा हुआ है कभी तेज तूफान, कभी ओलावर्ष्टि तो कभी बेमौसम बरसात ने किसानों की आर्थिक कमर को तोड़कर रख दिया है । सादुलशहर क्षेत्र के युवा किसान एवं ग्रामीण किसान मजदूर समिति के अध्यक्ष शिवप्रकाश सहारण पिछले लगभग 1 वर्ष से केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित किसानों को आपदा की स्थिति में आर्थिक सहायता करने वाली प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना का लाभ सम्पूर्ण क्षेत्र के किसानों को दिलवाने के लिए सँघर्ष कर रहे है । सहारण ने बताया कि योजना का प्रारूप पढ़ने में तो बहुत सहायतामय लग रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही बयाँ कर रही है । किसानों का फसल बीमा प्रीमियम तो फसल बिजाई के समय बैंक खातों के माध्यम से बीमा कम्पनियां वसूल कर लेती है लेकिन आपदा की स्तिथि में फसल क्लेम प्रभावित किसान को नही दिया जा रहा जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण इस योजना को लेकर किसानों को ना तो सही से जानकारी है और ना ही इस योजना को लेकर किसान आपस मे संगठित है । जिले के तमाम किसान संगठन भी इस योजना की कमियों के मुद्दों को लेकर भी अपनी संजीदगी सही से नही दिखा पा रहे । हाल ही में युवा किसान शिवप्रकाश सहारण ने योजना की कमियों को लेकर केन्द्रीय राज्य मन्त्री अर्जुनराम मेघवाल को योजना की विफलता के सबूतों के साथ चर्चा कर लिखित में पत्र दिया वहीं केंद्र के किसान कल्याण मन्त्री कैलाश चौधरी व देश के कृषि सचिव को पूरे दस्तावेजों के साथ फसल बीमा योजना की कमियों को उजागर करने वाले सबूत सहित पत्र लिखा था एक वर्ष के बाद अब केन्द्र का सरकारी तन्त्र जागा है व जांच का विश्वास दिया जाकर किसानों को राहत देने का भरोसा दिया जा रहा है ।

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